संपर्क अधिकारी: प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार
स्थापना वर्ष: 2019
वॉटर स्टडीज सेंटर देश के लिए एक महत्वपूर्ण मानव संसाधन के रूप में कार्य करेगा। यह केंद्र समानता और सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित होगा। वॉटर स्टडीज सेंटर की आवश्यकता शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल और स्वच्छता समाधान बनाने में मदद करने के लिए है। यह शहरी और ग्रामीण बस्तियों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए जल और स्वच्छता पर अत्याधुनिक शोध करेगा। यह केंद्रीय और राज्य सरकारों को विश्वसनीय और साक्ष्य-आधारित नीति प्रदान करेगा। यह केंद्र एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन में शामिल लोगों की क्षमता बढ़ाकर उन्हें जल सुरक्षा और सतत विकास के प्रति संवेदनशील बनाएगा।

उद्देश्य:
- जल और स्वच्छता अध्ययन और सतत मानव बस्ती विकास के क्षेत्रों में अनुप्रयुक्त, नीति-आधारित और मूलभूत शोध को बढ़ावा देना।
- जल और स्वच्छता के क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवरों की क्षमता बढ़ाना, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अल्पकालीन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आयोजित करके।
- केंद्रीय और राज्य सरकारों, उद्योग और तृतीय क्षेत्र को विश्वसनीय साक्ष्य-आधारित नीति पर सलाह देना।
- वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों और उत्कृष्टता केंद्रों में स्थित विश्व स्तरीय जल शोधकर्ताओं के साथ जुड़कर नवोन्मेषी और सतत जल और स्वच्छता समाधान तैयार करना।
- संस्थानों और उद्योगों के बीच इंटरफेस स्थापित करना और निरंतर विकसित करना, जो अनुप्रयुक्त शोध और संदर्भ-विशिष्ट जल एवं स्वच्छता समाधान को बढ़ावा दे।
- नीति ब्रीफ, कार्यपत्र, जर्नल अंक और पुस्तकों के रूप में प्रकाशन करके ज्ञान का प्रसार करना।
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संवाद, संगोष्ठी और सम्मेलन आयोजित करना।
- वॉटर स्टडीज सेंटर में उत्पन्न नए शोध के आधार पर जल और स्वच्छता अध्ययन के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना।
- भारत में जल और स्वच्छता पर शोध करने के लिए छात्रवृत्ति और फैलोशिप प्रदान करना।











